मोदी सरकार का बड़ा फैसला: प्लास्टिक नहीं बांस की बोतल में पीएं पानी।

भारत में, वैदिक समय, ऋषि मुनियों के कहने पर जल सेवा की जाती थी। क्योंकि लोटा के जल में प्रिस्टहोतं कम होता है। लोटा, पानी शरीर के लिए फायदेमंद है। लेकिन पुर्तगालियों के भारत आने के बाद कांच का प्रचार बढ़ गया। उसके बाद, भारत में कांच बंध हो जाता है और अब हर घर में प्लास्टिक बोतल का पानी देखा जाता है। इससे भारत में बीमारी के प्रसार में भारी वृद्धि हुई है। इससे पहले, भारतीयों ने मिट्टी के बरतन में पकाया हुआ भोजन खाया, जो सबसे अधिक पौष्टिक और स्वादिष्ट था। अब भारतीय एल्युमीनियम के डिब्बों में पका हुआ खाना खाते हैं, जो बेहद विषैला होता है। लेकिन सरकार ने देश के हित में एक बड़ा फैसला किया है। यह प्लास्टिक के बर्तनों को बंध करेंगे और मिट्टी के बर्तनों का प्रचार करेंगे। इस तरह, ग्रामीण समाज आर्थिक पक्ष में मजबूत होगा और लोग बीमारी से मुक्त होंगे।

प्लास्टिक का इस्तेमाल न केवल इंसानों के लिए बल्कि जानवरों के लिए भी बेहद खतरनाक है। यह सिर्फ पर्यावरण को प्रदूषित नहीं करता है, बलकि विभिन्न प्रकार की बीमारियों को फैलाता है। यही नहीं, प्लास्टिक भी देश भर में बढ़ते कचरे का सबसे बड़ा कारण है, क्योंकि इसे बर्बाद करना बहुत मुश्किल है। प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए एक स्वच्छता अभियान के अलावा, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 2 अक्टूबर से एकल प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध का उल्लेख किया गया है।प्रधानमंत्री मोदी के इस कदम का समर्थन करने के लिए, एमएसएमई मंत्रालय के तहत काम करने वाले खादी ग्राम उद्योगों ने एक बांस की बोतल बाजार मैं शुरू करने का फैसला किया है।

एमएसएमई मंत्रालय ने अक्टूबर में बाँस के बोतल लॉन्च करने का फैसला किया। यह आपको स्वस्थ और पर्यावरण के अनुমোদীJकूल रखने के लिए भी फायदेमंद है। इस बोतल की क्षमता कम से कम 750mL होगी। इसकी कीमत 300 रुपये से शुरू होगी। यह बोतल लंबे समय तक टिकाऊ रहेगी और क्षतिग्रस्त होने के बाद आसानी से बर्बाद हो सकती है।

बाँस के बोतल को 5 अक्टूबर को केंद्रीय एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी द्वारा लॉन्च किया जाएगा और बिक्री 2 अक्टूबर से खादी स्टोर पर शुरू होगी। प्लास्टिक उतारने के लिए एक्सेल ग्लास को पिछले दिनों प्रचारित किया गया था। बता दें कि KIVC ने पहले से ही प्लास्टिक की जगह मिट्टी के बर्तनों का उत्पादन बढ़ा दिया था। जैसे-जैसे बर्तनों का उपयोग बढ़ता जाएगा, कुमोर समुदाय अपनी खोई हुई नौकरियों में वापस आएगा और अपना रोजगार बढ़ाएगा। देश को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत करने की दिशा में यह कदम बहुत महत्वपूर्ण है।

इमरान खान के साथ बैठक पर ट्रम्प ने कर दिया भारत का प्रशंसा! शर्म से मुंह छुपा लिया इमरान।

डोनाल्ड ट्रम्प ने पहले ही HOWDI MODI इस्लामिक आतंकवाद शब्द का इस्तेमाल करके पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है। आतंकवाद के धर्म का पता चलने के बाद, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान में एक बार फिर मुसीबत खड़ी कर दी है।
पाकिस्तान लगातार जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठा रहा है और अमेरिका के सामने सबसे ज्यादा उठा रहा है। हालांकि, हर बार इमरान खान की उम्मीदें फीकी पड़ जाती हैं। सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से पाकिस्तान को झटका दिया। ट्रम्प के साथ बैठक करते हुए इमरान खान ने एक झटका पाया है।

राष्ट्रपति ट्रम्प ने इमरान के सामने पीएम नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की और भारत के साथ अमेरिका के रिश्ते को अच्छा बताया। जब इमरान खान से मुलाकात के बाद न्यूयॉर्क में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी, तब डोनाल्ड ट्रम्प ने इमरान के सामने कई बातें कही थीं जो पाकिस्तान के लिए एक कांटे की तरह लग रहा था। डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि भारत के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं, उम्मीद है कि दोनों देश एकजुट होंगे। ट्रम्प ने कहा मैं पाकिस्तान के ऊपर विश्वास करता हूं कि वे सब कुछ ठीक करेंगे। लेकिन जो लोग (पाक मीडिया) सामने बैठे हैं वे पाकिस्तान में विश्वास नहीं करते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने नरेंद्र मोदी के ‘हाउडी मोदी’ के भाषण की प्रशंसा की ट्रंप ने कहा है कि नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद ३७० पर आक्रामक भाषण दिया है, और लोगों ने इसे पसंद भी किया है। वहाँ बैठे लोग उसकी बात को गौर से सुन रहे थे। यही नहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ने HOWDI MODI कार्यक्रम में कहा, “मैं इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के साथ हूं।”

अब, यह स्पष्ट है कि कश्मीर मुद्दे में पाकिस्तान की आखिरी उम्मीद खत्म हो गई है। नाटो देशों से पाकिस्तान का आशा खत्म हो गया है। सोमालिया के छोड़ के, किसी भी देश पाकिस्तान के समर्थन पे खड़े होने की उम्मीद नहीं है। दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रम्प ने कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद शब्द का उपयोग करके आतंकवाद के धर्म का पता लगाया है। दशकों तक, बुद्धिजीवियों और पत्रकारों को आतंकवाद का धर्म नहीं मिले। ट्रम्प जानते हैं कि उन्हें वोट की जरूरत है इसलिए वह भारतीय अमेरिकियों को खुश करने के लिए पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि, ट्रम्प को पलटी खाने में ज्यादा देर नही लगता।  फिरभी सिग्नल जो दुनिया के इतने बड़े मंच से जाने वाला था वो चला गया है।

खुद का पिता का बनाए कानून कानून से गिरफ्तार हुआ फारूक अब्दुल्लाह! PSA के तहत हो सकती है 2 साल तक जेल।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को पब्लिक प्रोटेक्शन एक्ट (PSA) के तहत गिरफ्तार किया गया है, PSA एक्ट में गिरफ्तार फारूक अब्दुल्ला पहले पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद थे। फारूक अब्दुल्ला को उनके घर से 5 सितंबर को ग्राफ्टर कर लिया गया और अब उसे पीएसए अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। जो बिना किसी मुकदमे के दो साल की जेल की सजा का प्रावधान करता है।

दिलचस्प बात यह है कि यह कानून 1978 कश्मीर में फारूक अब्दुल्ला के पिता शेख अब्दुल्ला द्वारा लागू किया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री शेख अब्दुल्ला ने PSA अधिनियम पेश किया। अधिनियम उन लोगों को दंडित करने के लिए किया गया था जो अवैध रूप से जंगलों को काटते थे। बाद में, यह कानून उन लोगों पर भी लागू हुआ जो कानून व्यवस्था के लिए बाधा बन गए। लेकिन अब मोहम्मद अब्दुल्ला द्वारा बनाए गए कानून उनके बेटे फारूक अब्दुल्ला पर लागू होते हैं।

जम्मू और कश्मीर में PSA अधिनियम को 4 अप्रैल 1978 को जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल द्वारा अनुमोदित किया गया था। शेख अब्दुल्ला की सरकार ने लकड़ी और तस्करों रोकने के लिए कानून को एक कड़े कानून के रूप में पेश किया। यह कानून 16 वर्ष से अधिक आयु के किसी को भी अभियोजन पक्ष के साथ 2 साल तक कैद में रखने की अनुमति देता है। 2010 में, कानून में कुछ बदलाव किए गए थे और इसे नरम किया गया था। कानून के परिवर्तन के अनुसार – पहली बार जब कोई गलत काम करता है, तो उसे 6 महीने की सजा होगी ।

लेकिन अगर कोई बार-बार गलत करता है, तो उसकी सजा को 2 साल तक बढ़ाया जा सकता है। इस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई मुकदमा, या अन्य कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती है। अब केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर, जिस पर गृह मंत्रालय का पूरा नियंत्रण है। यानी जम्मू-कश्मीर अब अमित शाह के नियंत्रण में है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की उत्पत्ति के लिए कुछ परिवारों और विशेष लोगों को दोषी ठहराया गया है। अमित शाह ने अब उन परिवारों और लोगों पर कार्रवाई शुरू की है ताकि शांति बनाने में कोई दिक्कत न हो।

चिदंबरम के बाद CBI लग सकती है ममता बनर्जी के पीछे! मोदी से मुलाकात करने के लिए ममता ने मांगा समय।

पश्चिम बंगाल में सीबीआई सक्रिय है। सीबीआई अधिकारी, ममता के करीबी (विरोधियों का दावा) जाने वाले राजीव कुमार से पूछताछ करने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि यह राजीव कुमार हैं जिनके लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरना में बैठी थीं। सीबीआई के काम को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कई आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन वह फिर भी पीछे नहीं हटीं। लेकिन अब पश्चिम बंगाल में सीबीआई एक बार फिर सक्रिय है। अब ममता बनर्जी धरना में नहीं बैठती हैं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के लिए मंगलवार को दिल्ली जा रही हैं। मोदी बुधवार दोपहर को साढ़े चार बाज कर आमने-सामने होंगे। यह राजनीतिक कल्पना शुरू हो गई है। हालांकि, ममता बनर्जी प्रधान मंत्री मोदी के साथ प्रशासनिक वार्ता के लिए दिल्ली जाना चाहती हैं। लेकिन कई लोगों ने इसे सीबीआई सक्रियता के संदर्भ से जोड़ दिया। सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रिया आने लगी है। बोलने की अधिकार सबके पास है ,इस लिए सोशल मीडिया पर कई लोग मोदी के साथ ममता के बैठने को सीबीआई में सक्रिय रूप से जोड़ दिया।

मोदी सरकार के दूसरे दफा में अमित शाह को गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। तब से, भ्रष्टाचार पर बहुत काम किया गया है। इस बीच, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम तिहाड़ जेल में बंद हैं। अब राहुल गांधी, सोनिया गांधी बेल के साथ जेल से बाहर हैं। इसलिए यह जानना मुश्किल है कि अब किसकी बारी है। इस बीच, ममता बनर्जी दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मिलना चाहती हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से राज्य में विकास कार्यक्रमों पर चर्चा की उम्मीद है।

युद्ध से बचना चाहते हो तो POK हमें दे दो: पाकिस्तान को चेतावनी दिया केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीओके (POK) को भारत को सौंप देने से पाकिस्तान युद्ध से बच जाएगा। अर्थात, अगर पाकिस्तान पीओके नहीं छोड़ता है, तो मोदी सरकार के मंत्री ने संकेत दिया है कि वह सैन्य बल का उपयोग करके भारत के साथ फिर से युद्ध मैं जुड़ जाएगा। केंद्रीय मंत्री रामदास अटवाल ने शुक्रवार को कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर को भारत में स्थानांतरण पाकिस्तान के पक्ष में होगा। उन्होंने कहा कि बहुत सी खबरें थीं, जिनमें कहा गया था कि पीओके (POK) के लोग पाकिस्तान से खुश नहीं हैं और वे भारत का हिस्सा बनना चाहते हैं। अटवाल अपने मंत्रालय की योजनाओं की समीक्षा करने के लिए चंडीगढ़ आए, जहां उन्होंने कहा, “नरेंद्र मोदी एक उत्साही प्रधान मंत्री हैं।” उन्होंने धारा 370 के प्रावधानों को निरस्त कर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया।

पाकिस्तान इसे पाचन नहीं कर सका और कश्मीर के मुद्दे को फिर से उठाने की कोशिश की। पाकिस्तान को अब भारत को पीओके (POK) देना चाहिए और यह पाकिस्तान के पक्ष में होगा। मोदी सरकार के सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण के राज्य मंत्री ने कहा, “अगर वे पीओके को हमारे पास हस्ताक्षर करते हैं, तो हम वहां कई केंद्र स्थापित करेंगे।” हम व्यापार में पाकिस्तान की सहायता करेंगे और गरीबी और बेरोजगारी के खिलाफ लड़ाई में भी मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें थीं कि पीओके के लोग असंतुष्ट थे और भारत का हिस्सा बनना चाहते थे।

अटवाल ने कहा कि पाकिस्तान को युद्ध का पागलपन नहीं फैलाना चाहिए। अठावले की पार्टी हरियाणा विधानसभा चुनाव लड़ेगी, पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह 90 में से 10 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। हरियाणा में उनकी पार्टी भाजपा के उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ेगी।

अब चाइनीज कंपनी ओप्पो की जगह टीम इंडिया की जर्सी पर दिखेगा स्वदेशी ब्रांड!

टीम इंडिया ( Team India) आज दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ धर्मशाला में खेलने के लिए उतरेगी, तो जर्सी में ओप्पो ( oppo) की जगह दूसरे कोई और नया नाम होगा। चीनी कंपनी ओप्पो को टीम इंडिया की जर्सी से छुट्टी दे दी गई है। स्वदेशी कंपनी का नाम मेन्स ब्लू की जर्सी में देखा जाएगा। प्रायोजक द्वारा ओप्पो टाइटल्स को भारतीय कंपनी बैजू (BYJU’S) को बेच दिया गया है। नई जर्सी का उद्घाटन टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली, सह-कप्तान रोहित शर्मा और कोच रॉबी शास्त्री ने धर्मशाला में किया।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी- 20 मैच में, भारतीय टीम नए प्रायोजक बैजू की जर्सी पहेन के मैदान में उतारेगी। मैच से पहले प्रैक्टिस मैं टीम इंडिया को नए प्रायोजक के नाम की जर्सी पढ़ते हुए देखा गया था। शनिवार को टीम के कप्तान विराट कोहली की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजू की प्रायोजित जर्सी पहेन हुए देखा गेया था। आपको बता दें, ओप्पो ने टीम भारत के लिए एक प्रायोजक के रूप में पांच साल के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। लेकिन उन्होंने बीच में छोड़ने का फैसला किया। और उन्होंने अपनी संपत्ति बैजू को बेच दी।

2017 साल को, ओप्पो टीम भारत की जर्सी में टाइटल प्रायोजक के अधिकार 1 करोड़ रुपये में खरीदे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओप्पो के लिए यह सौदा बहुत महंगा हो गया। और यही वजह है कि वे अपनी संपत्ति बैजू को बेच देते हैं। ओप्पो के जाने के बाद भी बीसीसीआई (BCCI) को नुकसान नहीं होगा। बोर्ड उतने ही पैसे कमाएगा जितना चीनी कंपनी ओप्पो चुकाती थी। और यह सौदा 31 मार्च, 2022 तक चलेगा।

ओप्पो ने द्विपक्षीय सीरीज में हर मैच के लिए बीसीसीआई को 4.6 करोड़ का भुगतान किया। ICC और एशिया कप खेलों के दौरान, कंपनी ने BCCI को प्रति मैच 1.92 करोड़ का भुगतान किया। इस बार पैसे का भुगतान भारतीय कंपनियों द्वारा किया जाएगा। बैजू कोचिंग के बिना ऑनलाइन पढ़ाने और ट्यूशन करने के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। पिछले कुछ वर्षों में, कंपनी ने नाम और पैसा दोनों कमाया है। खबरों के मुताबिक, ऑनलाइन कोचिंग के जरिये बैजू हर साल 260 करोड़ कमाता है।

भारत में घुसने से पहले ही मारा जाएगा घुसपैठिया! बॉर्डर पर करंट दौड़ाएगी सरकार

पाकिस्तान और बांग्लादेश के लोगों ने अपने धर्म के आधार पर भारत को साझा किया। लेकिन फिर भी वे बार-बार भारत में घुसपैठ करने की कोशिश करते हैं। घुसपैठिया आबादी के अनुपात को धार्मिक आधार पर बदलने की कोशिश करता है। कभी-कभी ड्रग्स तस्करी, मवेशी चोरी, आदि जैसे गैरकानूनी कार्यों में शामिल होते हैं। इसलिए सरकार सीमाओं पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में राजस्थान से भारत और पाकिस्तान के बीच की सीमाओं को पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा। सीमा सुरक्षा जवान (बीएसएफ) सीमा पर कोबरा वायर तैनात कर रहा है। कोबरा केबल के जरिए 24 घंटे इलेक्ट्रिक चालू रहेगा। वर्तमान में, प्रत्येक बटालियन में कोबरा वायरिंग दस किलोमीटर तक की जा रही है।

रेगिस्तान के माध्यम से पाकिस्तान से तस्करी और घुसपैठ को रोका जा सकेगा। पाकिस्तान आवर राजस्थान के बेच 1070 किलोमीटर की सीमा है। श्रीगंगानगर में हिंदमल कोट से लेकर पाकिस्तान की सीमा से लगे बीकानेर, जैसलमेर और बर्मा गाँव तक। यहां कुछ क्षेत्रों में सामान्य बैरिकेड्स हैं। इसलिए, पशु और तस्कर सीमा पार करते हैं। जैसलमेर के शाहगढ़ के 32 किलोमीटर क्षेत्र में, बैरिकेड्स को रेतीले क्षेत्रों में डाब गया है।

अब बीएसएफ श्रीगंगानगर, बिकार्र, जैसलमीर और बारमेरा में कोबरा वायर लगा रही है। यह एक विशेष प्रकार का मोटा तार होता है, जिसमें करंट एक विशेष तरीके से बहता है। कोबरा वायर की बाड़ अभेद्य होगी। अगर कोई इसे काटने की कोशिश करता है, तो वे बेहोश हो जाएंगे। पाकिस्तान के साथ लंबी सीमा के कारण, चार जिलों में से प्रत्येक बटालियन के दस किलोमीटर में यह काम शुरू हो गया है।
इसके अलावा सीमा पर हाई मास्ट लाइट की वजह से भी सुरक्षा बढ़ जाती है। अब तक, बीएसएफ विशेष तहत पर करेंट उपयोग करता था।

भारत में निर्माण हो रहा है एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा! चीनी भी छूट जाएगा पीछे।

जेबर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट दुनिया का चौथा सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा। इस लिहाज से यह देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा। दिल्ली हवाई अड्डे इस का लगभग आधा आकार। आधुनिक सुविधाओं से लैस होने के कारण, हवाई अड्डे के पास पार्किंग की बहुत जगह होगी। इस मामले में, पड़ोसी चीन कहीं नहीं है, हालांकि यह सऊदी अरब और अमेरिका के दो हवाई अड्डों के बाद नंबर पर होगा। अब तक सबसे अच्छे और बड़े हवाई अड्डे इन दोनों देशों में हैं। IGI के बाद, दिल्ली-NCR ने जेबर क्षेत्र में एक दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने का प्रस्ताव दिया है। गतिविधियों शुरू होने के साथ, जेबर एयरपोर्ट देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा होने का रिकॉर्ड भी बनाएगा।

क्षेत्रफल के लिहाज से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट जेभर से काफी पीछे होगा। IGI का क्षेत्रफल 2066 हेक्टेयर है। हवाई अड्डा, जिसे नवी मुंबई में बनाया गेया है, उसका क्षेत्रफल है 2,320 हेक्टेयर और जेबर हवाई अड्डा पाँच हज़ार हेक्टेयर में बनाया जाएगा। 20 करोड़ यात्री 2050 तक जेबर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से प्रस्थान करेंगे। इस मामले में, जेबर एयरपोर्ट IGI से आगे निकल जाएगा ।

वर्तमान में, 6 करोड़ यात्री IGI से गुजरते हैं। IGI के अनुमानित यात्री संख्या 2022-23 के बीच सालाना लगभग 10 करोड़ होने का अनुमान है। उसके बाद यात्री संख्या बढ़ाने का मौका यहीं खत्म हो जाएगा। जेबर हवाई अड्डे से विमान सेवाओं का संचालन भी 2022-24 में शुरू होने की उम्मीद है। शुरू में, यात्रियों की अनुमानित संख्या लगभग 8 करोड़ होगा। वर्षों से यात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी। IGI की क्षमता ह्रास होने के साथ, जेबर हवाई अड्डे पर एयरलाइन सेवाओं की वृद्धि होगी इसलिए यात्रियों की संख्या भी वृद्धि होगी ।

NRC लिस्ट से बाहर हुए लोगों के लिए बनाया जा रहा डिटेंशन कैंप! अवैध घुसपैठिये को रखा जाएगा इस कैंप में।

असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्ट्रार (NRC) की अंतिम सूची से 1 लाख से अधिक लोगों को बाहर रखा गया है। हालांकि, उनके पास अपनी नागरिकता साबित करने के कई अवसर होंगे। हालांकि, विदेशियों को सूची से बाहर रखने के लिए असम के गोलपारा में सबसे बड़ा निरोध केंद्र (शिविर) स्थापित किया जा रहा है। आजकल, यह तेजी से काम कर रहा है। असम के गोलपारा जिले के वेस्ट मटिया इलाके में भारत के पहले डिटेंशन सेंटर (शिविर) पर निर्माण कार्य जोरों पर है।

यदि आप असमवासी हैं, तो आपको 14 सितंबर से असम फाइनल एनआरसी (NRC) सूची में अपना नाम ऑनलाइन मिल जाएगा। इस सूची में उन लोगों के नाम शामिल हैं जिन्हें अंतिम सूची में शामिल किया गया था। 46 करोड़ के आसपास की लागत पर डिटेंशन सेंटर (शिविर) का निर्माण किया जा रहा है। जूनियर इंजीनियर रॉबिन दास ने ANI को बताया, “यह परियोजना दिसंबर 2018 में शुरू हुई थी। हमारा लक्ष्य दिसंबर 2019 तक इसे खत्म करना है, जिसकी लागत लगभग 46 करोड़ होगी । दास ने यह भी कहा कि केंद्र में अलग से शौचालय, हॉस्पिटल, रसोई, भोजन क्षेत्र, मनोरंजन केंद्र और स्कूल होंगे।

31 अगस्त, 2019 को प्रकाशित एनआरसी अंतिम सूची से 19 लाख से अधिक लोगों को बाहर रखा गया था। बहिष्कृत व्यक्तियों को 120 दिनों के भीतर असम में स्थापित 300 विदेशी ट्राइब्यूनल में आवेदन करने का अवसर दिया गया है। NRC सूची का उद्देश्य असम में रहने वाले नागरिकों को अलग करना है जिन्होंने बांग्लादेश से अवैध रूप से राज्य में प्रवेश किया है। लेकिन इस मामले में यह माना जाता है कि हिंदू शरणार्थियों पर कोई दबाव नहीं होगा। क्योंकि बांग्लादेश से भागे सभी हिंदू कट्टरपंथी अत्याचार से बचने के लिए भाग आये हैं। और भारत के बिना उन्हें जाने का रास्ता कहीं नहीं है।

चंद्रमा पर खो गया है इजरायल का लेंडर! ढूंढ निकालने के लिए मदद मांगा ISRO से।

इज़राइल (Israel) ने इस साल फरवरी में भारत के तारा एक चंद्रमा मिशन शुरू किया था। उनका अंतरिक्ष यान अप्रैल में चंद्र सतह पर उतरना था। हालांकि, अंतिम लैंडिंग पर, भारत की तरह इजरायल के लैंडर की भी संपर्क टूट गया था। भारत ने लैंडर के साथ आर्बिटर भेजा। जो सक्रिय रूप से काम कर रहा है और यह साढ़े 7 साल तक काम करना जारी रखेगा। यह परिक्रमा चंद्रमा की विभिन्न छवियों को भारत भेजती रहेगी। इस आर्बिटर के लिए भारत के खोई हुई लैंडर मिली। भारतीय वैज्ञानिक अब लैंडर के साथ संपर्क स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। भारत का चंद्रयान -2 मिशन 95% सफल रहा। लैंडर विक्रम के साथ जुड़ने से मिशन 100% सफल हो जाएगा।

हालांकि, इजरायल (Israel) केवल अपने चंद्र मिशनों पर लैंडर भेजा था। इजरायल ने अपने लैंडर के साथ आर्बिटर नहीं भेजा। जिसके लिए उनका मिशन पूरी तरह बेकार हो जाता है, और लैंडर खो जाता है। इजरायल के लैंडर को बारिसिट नाम दिया गया था, माना जाता है कि जमींन पर क्रैश लैंडिंग करे थी। अब जबकि भारत की आर्बिटर चंद्रमा के चारों ओर घूम रही है, इजरायल ने भारत से उनके लैंडर को खोजने के लिए मदद मांगी है। इसरो (ISRO) अपने काम में इजरायल की मदद करेगा।

भारत के आर्बिटर इजरायल (Israel) के बारिसिट को ढूंढेंगे और चित्र प्रदान करेंगे। एक बार जब आप बेरसाइट की थर्मल छवि पाते हैं, तो इसकी स्थिति को समझा जा सकता है। बताया गया है कि भारत की आर्बिटर चंद्रमा के चारों ओर घूम रही है और यह लगभग साढ़े 7 साल तक सेवा प्रदान करने में सक्षम होगा। शुरुआत में, समय सीमा को 1 साल कहा जाता था लेकिन अब यह ज्ञात है कि ऑर्बिटर साढ़े 7 साल की सेवा करेगा।

धर्म संकट में फंस गई ममता बनर्जी! ममता के गढ़ में दुर्गा पूजा उद्घाटन के लिए बुलाया गया अमित शाह को।

पश्चिम बंगाल में आने वाले दुर्गा पूजा के अवसर पर ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को कड़ी टक्कर देने के लिए मैदान में उतर चुके हैं अमित शाह(Amit Shah)। सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर दुर्गा पूजा का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। इस बीच, कोलकाता में एक पूजा समिति ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दुर्गा पूजा का उद्घाटन करने के लिए आमंत्रित किया है। दुर्गा पूजा की शुरुआत के एक महीने से भी कम समय, सबसे अच्छा बंगाली त्योहार। भाजपा नेता मुकुल रॉय ने गुरुवार को कहा कि दुर्गा पूजा के उद्घाटन के लिए अमित शाह को आमंत्रित करने का निर्णय केवल पूजा समिति के लिए था, पार्टी के पीछे कोई भूमिका नहीं थी। 11 सितंबर को, अमित शाह को दुर्गा पूजा के उद्घाटन के लिए एक निमंत्रण पत्र भेजा गया था।

तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, मंत्री और एकदालिया एवरग्रीन दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष सुब्रत मुखर्जी ने राज्य भाजपा पर दुर्गा पूजा की राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “भाजपा एक गलत काम शुरू करने वाली है।” दक्षिण कोलकाता के ट्रिबुलर पार्क में फ्रेंड्स क्लब पूजा समिति के एक प्रवक्ता ने कहा, “हम किसी भी राजनीतिक दल से संबद्ध नहीं हैं। हमारी पूजा समिति किसी भी राजनीतिक रंग की सिफारिश नहीं करती है। ”

प्रवक्ता ने कहा, “हमने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अपनी पूजा का उद्घाटन करने के लिए आमंत्रित किया है। उनकी उपस्थिति हम सभी को प्रभावित करेगी। भाजपा नेता मुकुल रॉय ने दुर्गा पूजा के साथ राजनीति करने से इनकार किया।

मुकुल रॉय पूजा समिति द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उद्घाटन के निमंत्रण पत्र को दिखाते हुए उन्होंने कहा, “भाजपा पश्चिम बंगाल और बंगाल का सबसे बड़ा त्योहार पर राजनीति नही घसीट ना चाहते है। यह हम सभी को प्रभावित करता है। हम इसके बारे में कोई राजनीति पसंद नहीं करेंगे। ” उनका कहना है कि राज्य के नेताओं ने अमित शाह के कार्यालय मैं निमंत्रण भेजा है।

एक दर्जन से भी ज्यादा पाक सेना कैंप उड़ा दिया भारत ने! पांच पाक आर्मी खत्म।

पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है। और भारतीय सेना भी उन्हें जवाब दे रही है। शनिवार को उत्तरी कश्मीर में बारामुला जिले के उरी सेक्टर में भारतीय सेना पर हुए हमले में पांच पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। और भारतीय सेना द्वारा एक दर्जन से अधिक पाक शिविरों को नष्ट कर दिया गया। पुंछ में पाकिस्तानी गोलाबारी में एक भारतीय सैनिक घायल हो गया, और कश्मीर गाँव के कई घर भी क्षतिग्रस्त हो गए। कश्मीर में ग्रामीणों ने पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम के उल्लंघन से दहशत पैदा की है।

पाकिस्तान सेना ने उग्रवादी शिविरों और ग्रामीण इलाकों को निशाना बनाते हुए उरी सेक्टर के कुछ इलाकों में निशाना बनाकर गोलाबारी की। इसका जवाब भी सेना ने दिया। सूत्रों के अनुसार, भारत की बारी के जवाब में बिजली गिरने से पांच पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, और एक दर्जन से अधिक पाक सेना के शिविर नष्ट हो गए। गोलाबारी अभी भी खबरों में हैं।

शनिवार की सुबह, पाक सेना ने निवासियों और सेना के शिविरों से भरे क्षेत्र में गोलाबारे की। इंजीनियरिंग रेजिमेंट का जवान गोविंद सिंह पाकिस्तानी गोलीबारी में घायल हो गया है। कुछ घर भी क्षतिग्रस्त हो गए। दोपहर तक दोनों ओर से कई गोला बारूद दागे गए। पाकिस्तान की गोलाबारी ने सीमा पर स्कूलों में बच्चों रुक गेया था। भारतीय सैनिक अपने जीवन को खतरे में डालते हैं और स्कूली बच्चों को सुरक्षा में ले जाते हैं।

दूसरी ओर, हाजीपोरा सेक्टर में पाकिस्तान के सैन्य संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सीमा पर बड़ी मात्रा में गोलाबारी की। भारतीय सेना ने चुपचाप पाकिस्तानी गोलीबारी का जवाब दिया। भारतीय सेना पर हमले में दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। भारतीय सेना के साथ तबाही के बाद, पाकिस्तानी सेना ने एक सफेद झंडा उठाया और अपने साथियों के शवों को निकाल लिया। पाकिस्तानी सेना अपनी कायरता से कभी नहीं सीखेगी। और भारतीय सेना पाकिस्तान के इस कायरतापूर्ण कार्य का जवाब देती रहेगी।

9 साल तक IED के धमाकों से बचाने वाले डॉग की मौत! भारतीय सेना ने मनाया शोक, सलामी देकर किया विदा।

भारतीय सेना की पूर्वी कमांडो का प्रशिक्षित कुत्ता डच (DUTCH) का मोत हो गया। 11 सितंबर 2019 को डच ने अंतिम सांस ली। डच ने नौ साल तक देश की सेवा की है। और पिछले नौ वर्षों में, उसने विस्फोटकों की खोज की और आतंकवादियों को नष्ट कर दिया। भारतीय सेना के डॉग स्क्वायड के सदस्यों में से एक उत्तर प्रदेश के मेरठ में आरबीसी सेंटर और कॉलेज 2010 अप्रैल को डच के लिए हुआ था। डच भारतीय सेना के डॉग स्क्वाड के सबसे महत्वपूर्ण सदस्य थे।

डच ने तीन साल तक देश की सेवा की है। डचो ने विशेष रूप से आतंकवाद रोधी अभियानों में एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है,। डच विस्फोटक खोजने में एक मास्टर था। डच पुर्व कमांड के लिए महत्वपूर्ण अभियानों में, उन्होंने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2014 दिसंबर को, डच ने असम के गोलपोरा में एक सार्वजनिक बस पर 6 kg IED की खोज की, और उसे रोक दिया। पूर्वी कमांड को डच द्वारा उनके काम के लिए दो बार सम्मानित किया जा चुका है।

इस तरह, 2014 नवंबर को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की असम यात्रा से पहले, डच ने आलीपुर दुआर की कामाक्षा एक्सप्रेस में एक कोच से 7 किलोग्राम IED को बचाकर कई लोगों के जीवन को बचाया। भारतीय सेना में डच की भूमिका को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। भारतीय सेना का एक महत्वपूर्ण सदस्य डच की मृत्यु के बाद पूर्वी कमांड में शोक की छाया है।

योगी का बड़ा फैसला: खत्म किया 4 दशक पुराना कानून! सरकारी खजाने से नहीं, मंत्री अपनी जेब से भरेंगे टैक्स

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4 दशक पुराने शासन को खत्म करके इतिहास रच दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया है कि भविष्य में कोई भी कैबिनेट मंत्री या मुख्यमंत्री का आयकर रिटर्न राज्य के खजाने से नहीं भरा जाएगा। मुख्यमंत्री या मंत्री अब अपना आयकर रिटर्न दाखिल करेंगे। वास्तव में, अब तक, सरकार राज्य के खजाने से मंत्रियों के आयकर रिटर्न दाखिल करती थी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मंत्रियों को अपने स्वयं के करों का भुगतान करने के लिए कहा। इसके साथ ही चार दशक पुराने नियम का अंत हो गया, जिसके तहत मंत्रियों के करों का भुगतान राज्य के खजाने से किया जाता था। अब राज्य सरकार ने भी इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। वास्तव में, यह कानून 1981 में अस्तित्व में आया। तब मीडिया में इसकी काफी आलोचना हुई थी।

तदनुसार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को अपना आयकर नहीं देना पड़ता था। उनके करों का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया गया था। यह निर्णय राशन और खुदरा अधिनियम 1981 के तहत लिया गया था। इससे पहले, अखबारों में ऐसी खबरें थीं कि कई राजनेताओं ने कहा था कि उन्हें यूपी के कानून की कोई जानकारी नहीं है। मुख्यमंत्री के नए आदेश के अनुसार, अब सभी मंत्रियों को अपने स्वयं के करों का भुगतान करना होगा।

जब यह अधिनियम आया, तब विश्वनाथ प्रताप सिंह राज्य के मुख्यमंत्री थे। तब से, राज्य में 19 मुख्यमंत्री आए हैं और लगभग 1,000 मंत्री हैं। अपने करों को बचाने वाले मुख्यमंत्रियों में, सभी दलों के नेता हैं। इनमें मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव, मायावती, कल्याण सिंह, राम प्रकाश गुप्ता, राजनाथ सिंह, अध्यक्ष मिश्रा, बीर बहादुर सिंह और एनडी तिवारी शामिल हैं। वित्त मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले वित्त वर्ष के लिए करों के रूप में 86 लाख का भुगतान किया।

रूद्र रूप में आया भारतीय सेना!मार गिराए 2 PAK सैनिक, सफेद झंडा दिखाकर शव ले गए PAK आर्मी

हाजीपोरा सेक्टर में पाकिस्तानी सेना संघर्ष विराम का उल्लंघन किया । पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सीमा पर बड़ी मात्रा में गोलाबारी की। भारतीय सेना ने चुपचाप पाकिस्तानी गोलीबारी का जवाब दिया। भारतीय सेना पर हमले में दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। भारतीय सेना के साथ तबाही के बाद, पाकिस्तानी सेना ने एक सफेद झंडा उठाया और अपने साथियों के शवों को निकाल लिया। पाकिस्तानी सेना अपनी कायरता से कभी नहीं सीखेगी। और भारतीय सेना पाकिस्तान के इस डरपोक कार्य का जवाब देती रहेगी।

शनिवार सुबह, पाकिस्तानी सैनिकों ने बालाकोट और पुंछ जिले में मंदी के क्षेत्रों में संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। पाकिस्तानी सेना ने मोर्टार सेलिंग से गोलाबारी की। इतना ही नहीं, पाकिस्तान के कायर सैनिक सीमा पर भारत के ग्रामीण इलाकों को भी निशाना बनाते हैं। बता दें, जम्मू-कश्मीर से 370 हटाए जाने के बाद से ही पूरा पाकिस्तान पागल की तरह पेश आ रहा है। घाटी की शांति को भंग करने के लिए पाकिस्तान सीमा पर बार-बार घुसपैठ की कोशिश कर रहा है। और यही कारण है कि हर दिन, पाकिस्तान संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है।

एक ओर, कश्मीर मुद्दे पर भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने कई बार अपने आप को थप्पड़ मारा। दूसरी ओर, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से इस समय पाकिस्तान विरोधी आवाजें उठ रही हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और अक्साई चीन भारत का हिस्सा हैं। और हम भारत के हिस्से को बचाने के लिए अपनी जान देने के लिए तैयार हैं। अमित शाह के बयान के बाद, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पाकिस्तानी विरोधी आंदोलन तेज हो गया है।

राष्ट्रपति कोविंद ने स्विट्जरलैंड को दिया धन्यवाद! काला धन रखने वालों की जानकारी दे रही है स्विट्जरलैंड।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्विट्जरलैंड को धन्यवाद दिया। राष्ट्रपति राम नाथ कोबिंद ने काले धन रखने वाले भारतीयों को जानकारी प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने स्विट्जरलैंड को धन्यवाद दिया है। राष्ट्रपति ने स्विट्जरलैंड फेडरल काउंसिल का उद्देश्य मैं बोला है, “कर चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग आतंकवाद को मजबूत करते हैं। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि आने वाले हफ्तों में कर-संबंधी जानकारी का भारत-स्विट्जरलैंड में स्वचालित रूप से आदान-प्रदान किया जाएगा। यह एक बहुत ही सकारात्मक विकास है।

विदेशों में काला धन रखने वालों के खिलाफ भारत सरकार बड़ा कदम उठा रही है। इसके तहत, भारत ने, करदाताओं देश स्विट्जरलैंड से, काले धन वाले भारतीयों के बारे में जानकारी मांगी। जिसके बाद दोनों देशों ने स्विट्जरलैंड के बैंकों में जिन लोगों के खाते हैं, उनके बारे में जानकारी हासिल करना शुरू कर दिया है। भारत को इस प्रणाली के साथ 8 सितंबर को स्विस बैंक के पैसे रखने से संबंधित जानकारी भी मिली है। हालांकि, कार्रवाई के डर से कई खाताधारक पहले ही अपने खाते बंद कर चुके हैं। हालांकि, खाता बंद करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

स्विट्जरलैंड ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की भारत की अस्थायी सदस्यता का भी समर्थन किया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने यह बात कही है। उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड ने 2021-22 के कार्यकाल के दौरान सुरक्षा परिषद की अस्थायी सीट के लिए भारत की उम्मीदवारी का समर्थन किया। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि हम भारत के परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह के सदस्यों के निरंतर समर्थन के लिए स्विट्जरलैंड के आभारी हैं। गौरतलब है कि राष्ट्रपति कोविंद तीन देशों आइसलैंड, स्विट्जरलैंड और स्लोवेनिया की यात्रा के तहत तीन दिन की आइसलैंड यात्रा पर हैं।