देश की रक्षा के लिए, कार्टोसैट -3 उपग्रह, लॉन्च करेगा इसरो (ISRO), सर्जिकल स्ट्राइक और हवाई हमले की होगा सुबिधा।

चंद्रयान- II के बाद, इसरो का नया मिशन कार्टेसैट -3 अब लॉन्च किया जाएगा। इसके बाद यह देश के दुश्मनों की नींद उड़ा देने वाला है। कार्टोसैट -1 और 2 की मदद से हमारी सेना ने पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट हवाई हमले किया था। हालांकि, इस उपग्रह का कार्य अंतरिक्ष से भारत की भूमि की निगरानी करना होगा। साथ ही आपदाओं में आगे के बुनियादी ढांचे के विकास में सहायता करते हैं। लेकिन इसका इस्तेमाल देश की सीमाओं की निगरानी के लिए भी किया जाएगा। मिशन पाकिस्तान और उसके आतंकवादी शिविरों की निगरानी करने वाला देश का सबसे शक्तिशाली प्रहरी होगा। यह सीमाओं की निगरानी करेगा। यदि दुश्मन या आतंकवादी हैं, तो इस आंख के साथ हमारी सेना दुश्मन के घर में प्रवेश करेगी और उन्हें दमन करने में सक्षम होगी।

इस उपग्रह का नाम है – कार्टोसैट -3 (कार्टोसैट -3)। कार्टोसैट श्रृंखला में यह नौवां उपग्रह होगा। कार्टोसेट -3 कैमरा इतना शक्तिशाली है कि यह अंतरिक्ष से जमीन तक की ऊंचाई में 1 फुट (9.84 इंच) से कम की तस्वीरें ले सकेगा। यानी आप अपनी कलाई पर बंधी घड़ी पर दिखाए गए सटीक समय के बारे में भी सटीक जानकारी देंगे। कार्टोसैट उपग्रहों का इस्तेमाल पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक और हवाई हमलों के लिए किया गया था।

यह उपग्रह विभिन्न मौसम की स्थिति में पृथ्वी की तस्वीरें लेने में सक्षम है। प्राकृतिक आपदाओं में मदद करेगा और मानव रूप में जीवन रक्षक करेगा। देश के सबसे शक्तिशाली निगरानी उपग्रह कार्तोसैट 3 के प्रक्षेपण में अब एक महीने की देरी होगी। इसके लॉन्च में अब एक महीने की देरी हो सकती है। इसरो ने अक्टूबर के अंत में, देश के सबसे शक्तिशाली निगरानी उपग्रह कार्टोसेट -3 को लॉन्च करने का निर्णय लिया है।