राहुल गाँधी के माथे पर ग्रीन लाइट, स्नाइपर नहीं बल्कि कांग्रेसी फोटोग्राफर के ही कैमरा की लाइट

राहुल गाँधी की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस ने एक बड़ा मुद्दा बना दिया, पर ये मुद्दा बिलकुल झूठा साबित हुआ, क्यूंकि जांच में कुछ और ही तथ्य सामने आ गया

Green Light on Rahul Gandhi

कांग्रेस असल में राहुल गाँधी की सुरक्षा का मुद्दा बनाकर सहानुभूति वोट प्राप्त करने की जुगत में थी, पर जांच ने इस जुगत को धराशाही कर दिया

अमेठी में राहुल गाँधी अपना चुनावी कार्यक्रम कर रहे थे, तभी उनके माथे पर ग्रीन लाइट जैसा कुछ दिखाई दिया, बाद में कांग्रेस ने इसे सुरक्षा का मुद्दा बना दिया

कांग्रेस ने कहा की – राहुल गाँधी पर किसी ने स्नाइपर रायफल तानी थी, और उनकी सुरक्षा में ढील बरती गयी है, कांग्रेस का कहना था की कोई स्नाइपर से राहुल गाँधी पर हमला करना चाहता था

Green Light on Rahul Gandhi

इसकी तुरंत जांच गृह मंत्रालय ने करवाई और कुछ और ही तथ्य सामने आ गया

जांच में पता चला, की राहुल गाँधी के माथे पर जो ग्रीन लाइट है, वो असल में फोटोग्राफर के कैमरा का ही फ़्लैश है, और जिस फोटोग्राफर का ये कैमरा था वो फोटोग्राफर भी कांग्रेस का ही था

कांग्रेस ने अपने फोटोग्राफर को लगाया हुआ था ताकि वो राहुल गाँधी के चुनावी कार्यक्रम को कवर कर सके, और उसी के कैमरे की ये फ़्लैश लाइट राहुल गाँधी के माथे पर पड़ी, जिसे बाद में कांग्रेस ने स्नाइपर का लेज़र लाइट बता दिया

वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें की दुनिया में किसी भी स्नाइपर के लजेर लाइट की रौशनी लाल होती है, हरी रंग की लजेर लाइट का इस्तेमाल नहीं किया जाता क्यूंकि ये दिन में दूर तक दिखाई ही नहीं देती, लाल रंग की रौशनी दूर तक दिखाई देती है, हरी रंग की रौशनी का स्नाइपर में इस्तेमाल नहीं होता