चंद्रयान-2 को लेकर कुमारस्वामी ने किया आपत्तिजनक टिप्पणी! कहां- मोदी की वजह से हुआ मिशन फेल।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमत्री एचडी कुमारस्वामी ने एक बयान से बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि इसरो के मुख्यालय मे प्रधान मत्री नरेद्र मोदी की उपस्थिति “अशुभ” हो सकती है, जिसके कारण चंद्रयान -2 लैंडर बिक्रम की नरम लैडिग विफल रही। कुमारस्वामी ने मैसूर में एक संवाददाता सम्मेलन मे कहा, “मुझे नहीं पता, लेकिन शायद मोदी की इसरो मे पैर जमाने की वजह से चन्द्रजन -2 पर बुरी नजर थी। कुमारस्वामी ने कहा कि मोदी सितंबर मे बेंगलुरु आए थे ताकि लोगो को यह संदेश दिया जा सके कि वह चंद्रयान के प्रक्षेपण के पीछे थे। लेकिन यह परियोजना 2008-2009 की यूपीए सरकार और वैज्ञानिको का परिणाम थी। कुमारस्वामी कहते है कि गरीब वैज्ञानिको ने 10-12 वर्षों तक कड़ी मेहनत की है।

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि मोदी यहा अपना प्रचार करने आए थे। मोदी दिखाना चाहते थे कि चंद्रयान -2 उनके लिए था। इसका उल्लेख करते हुए, चंद्रयान -2 ने चंद्रमा पर एक नरम लैंडिंग करते समय इसरो के साथ संपर्क खो दिया। वैज्ञानिक अभी भी संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं।

कुमारस्वामी ने कर्नाटक के मुख्यमत्री बीएस येदियुरप्पा को सभी मामलों पर केद्र के सामने “असहाय” बताया। उन्होंने कहा कि राज्य और केद्र सरकार मे से किसी मे भी किसी चीज के लिए प्रधानमत्री के पास जाने की हिम्मत नही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका एक उदाहरण तब था जब प्रधानमत्री मोदी ने संकेत दिया था कि उन्होने मुख्यमत्री और अन्य केद्रीय मत्रियो के बीच रात मे इसरो मुख्यालय छोड़ दिया था।

कुमारस्वामी ने कहा कि मुख्यमत्री (येदियुरप्पा) और एक उपमुख्यमत्री दो ओर तीन केद्रीय मत्रियो के साथ वहा गए थे। उन्होंने कहा कि मोदी ने उन्हें संकेत दिया कि उन्हें वहा से चले जाना चाहिए और कहा कि उन्हें वहा रहने की जरूरत नही है। फिर सभी वहा से आए। कुमारस्वामी ने इसरो के चंद्रयान -2 ऑपरेशन के लिए प्रधान मत्री पर आरोप लगाया है। इसके वजह से राजनीतिक महल मे बिबाद बाढ़ गया है।