क्यों ICC ! जब पाकिस्तानी ग्राउंड पर नमाज़ पढ़ सकते है तो धोनी मनपसंद ग्लव्स क्यों नहीं पहन सकते ?

ICC का वर्ल्ड कप चल रहा है और इंडिया ने पहले मैच में जीत हांसिल की है, पर इंडिया के पहले वर्ल्ड कप मैच से ज्यादा चर्चा महेंद्र सिंह धोनी के ग्लव्स की है जिसपर ICC को बहुत आपत्ति है

महेंद्र सिंह धोनी भारतीय सेना के एक मानक अधिकारी है, और वो पैराशूट रेजीमेंट से जुड़े हुए है, इस रेजिमेंट का एक निशान है, जो बलिदान का प्रतिक है, इसी निशान को धोनी ने अपने ग्लव्स पर बनाया था और इसे पहना था

ICC इस ग्लव्स को देख कर बौखला गया और चाहने लगा की धोनी इस ग्लव्स को उतार दें, ICC ने नियम बताने शुरू कर दिए की क्रिकेट में आप कोई धार्मिक या राजनितिक सन्देश नहीं दे सकते

ICC के अनुसार धोनी के दास्तानों से राजनितिक और धार्मिक सन्देश दिया जा रहा था, अब इस घटना के बाद ICC के दोगलई पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है

ICC को धोनी के ग्लव्स से राजनितिक और धार्मिक सन्देश दिखाई देता है, पर दशको से पाकिस्तान के खिलाफ क्रिकेट के मैदान में नमाज़ पढ़ते है, आपने भी कई बार पाकिस्तानियों को क्रिकेट के ग्राउंड पर ही नमाज़ पढ़ते देखा होगा

धार्मिक और राजनितिक सन्देश से ICC को समस्या है तो नमाज़ क्या है, क्या ये धार्मिक सन्देश नहीं है, क्रिकेट के ग्राउंड पर नमाज़ का क्या काम है, और नमाज़ तो दशको से पाकिस्तान के खिलाडी ग्राउंड पर कर ही रहे है पर दुबई में ICC के दफ्तर को इस से कभी समस्या नहीं हुई

बड़ा सवाल ये है की अगर पाकिस्तान के खिलाडी ग्राउंड पर नमाज़ पढ़ सकते है, तो महेंद्र सिंह धोनी अपने पसंद के ग्लव्स क्यों नहीं पहन सकते, ग्लव्स से धार्मिक और राजनितिक सन्देश जा रहा है, तो नमाज़ क्या धार्मिक नहीं है, आखिर ICC की दोगलई कबतक चलेगी !