अगर साध्वी के चुनाव लड़ने पर बैन लगना चाहिए, तो सोनिया-राहुल पर भी लग जाना चाहिए बैन

साध्वी प्रज्ञा को भारत के संविधान ने, भारत के कानून ने, भारत के लोकतंत्र ने चुनाव लड़ने का अधिकार दिया है, उनके अधिकारों का हनन सिर्फ इस बात पर नहीं हो सकता की वो “आरोपी” है

इस देश में हजारो नेता आरोपी है, और जमानत पर है, और दो सबसे बड़े उदाहरण स्वयं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गाँधी है

साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ किसी कोर्ट ने कोई फैसला नहीं सुनाया है, उनके पास भी लोकतांत्रिक देश में चुनाव लड़ने का अधिकार है, पर उनके चुनाव लड़ने पर अब बहुत सी ताकतें रोक लगा देना चाहती है

साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ दलील ये है की – वो आतंकवाद के केस में आरोपी है और जमानत पर है इसलिए वो चुनाव नहीं लड़ सकती

अगर बिलकुल ये ही लोजिक दुसरे नेताओं पर भी लगा दिया जाये तो स्वयं राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी पर भी चुनाव लड़ने पर रोक लगनी चाहिए

राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी दोनों नेशनल हेराल्ड के घोटाले में 50-50 हज़ार रुपए की जमानत पर है, दोनों घोटालों के आरोपी है, अपराध के आरोपी है

अगर साध्वी पर चुनाव लड़ने पर बैन लगाना चाहिए, तो ऐसा ही बैन साध्वी के साथ साथ सोनिया-राहुल पर भी तुरंत ही लग जाना चाहिए, और तमाम ऐसे नेताओं पर भी बैन लग जाना चाहिए जो की जमानत पर है, या जिनपर कोई भी आरोप भी है

साथ ही साथ ऐसे तमाम मीडिया कर्मियों पर भी बैन लग जाना चाहिए जिनके खिलाफ किसी भी प्रकार की कोई शिकायत, आरोप या केस हो ! कानून सबके लिए बराबर हो, न की साध्वी के लिए अलग और बाकियों के लिए अलग