हिन्दुओ ने सीखना शुरू कर दिया था सर झुकाना, आज ही के दिन पैदा हुए थे महाराणा, जगा दिया हिन्दुओ को

इस देश में हिन्दुओ में इतना बंटवारा था की विदेशी इस्लामिक हमलावरों ने देश के बड़े भूभाग पर कब्ज़ा कर शरिया लागू कर दिया था, हिन्दुओ को दुसरे दर्जे का नागरिक बना दिया गया था

हिन्दुओ को लूटना, औरतों से रेप, हिदू धर्म स्थलों को तोडना, ये रोज का काम हो गया था, और जातिवाद में बंटा हिन्दू दिन प्रति दिन कमजोर ही होता जा रहा था

हिन्दुओ ने सर झुकाकर जीना सीखना शुरू कर दिया था, हिन्दुओ ने सब नियति मान कर जीना सीखना शुरू कर दिया था, हाथ जोड़ना हिन्दुओ की आदत सी बनती जा रही थी

और ऐसे ही दौर में आज ही के दिन 6 जून को आज के राजस्थान के मेवाड़ के कुम्भलगढ़ किले में जन्म हुआ था एक बालक का, जिसे हम आज महाराणा प्रताप के नाम से जानते है

जब सब हिन्दू विदेशी इस्लामिक आतंकवादियों के सामने नतमस्तक हो रहे थे, तब महाराणा प्रताप ने सम्मान के लिए लड़ाई लड़ी, महाराणा प्रताप ने सर झुकाना नहीं बल्कि सर उठाकर जीने की सीख दी, लड़कर सम्मान से जीने की सीख दी और आजीवन लड़ाई लड़ी और मेवाड़ को हमेशा आजाद बनाये रखा

जिस दौर में हिन्दुओ ने गुलामी को कुबूल करने की प्रथा सी शुरू कर दी थी उस दौर में महाराणा प्रताप ने हिन्दुओ को जगाया और उन्ही के कारण काफी सारे हिन्दू जागे और इस्लामिक आतंकवादियों से युद्ध लड़ा गया

महाराणा प्रताप हिन्दू वीरता और शौर्य के प्रतिक है, वो किसी 1 जाति से सम्बंधित नहीं है बल्कि समस्त हिन्दू समाज, भारतीय सम्मान के प्रतिक है और आज 6 जून को उनकी जन्म जयंती पर हम उन्हें कोटि कोटि नमन करते है