एक तरफ मोदी कहते रहे सेकुलरिज्म की बात, वहीँ ईद पर न आहात हो मुस्लिमो की भावना, ढक दिया मोदी का ही होर्डिंग

भले ही देश के प्रधानमंत्री इन दिनों कितनी भी सेकुलरिज्म की बात करे पर ये एक तथ्य है की इस देश में मुस्लिम बहुसंख्यक यानि की वो सीटें जहाँ पर मुस्लिम जनसँख्या 50% से ज्यादा है, ऐसी सभी सीटों पर बीजेपी की हार हुई थी, और कई सीटों पर तो बीजेपी की जमानत तक जप्त हुई थी

देश में 16 लोकसभा की सीटें है जो मुस्लिम बहुसंख्यक है, मुस्लिम बहुल मीडिया का बकवास है, बहुसंख्यक माने जहाँ मुस्लिम 50% से ज्यादा हो, और ऐसी 16 की 16 सीटों पर बीजेपी हारी है, जमानत भी कई बात जप्त हुई है

इसके बाबजूद बहुत से बीजेपी के नेता और स्वयं प्रधानमंत्री मोदी सेकुलरिज्म पर अडिग है, और गिरिराज सिंह जैसे नेताओं ने तो नितीश कुमार को बस इतना ही कहा की इफ्तारी करते हो, फलहारी भी करो, इसपर मोदी भड़क गए

अब ईद पर मोदी को भी जवाब मिल गया है, और ये जवाब मेरठ में मिला है, मेरठ में बीजेपी बस हारते हारते ही रही थी, किसी तरह ही जीत सकी थी और इसी मेरठ में ईद के दिन मुस्लिमो की भावना आहात न हो जाये इसी चलते स्वयं मोदी के होर्डिंग को कपडे से ढक दिया गया

ईद पर मुस्लिम नमाज़ के लिए जमा हुए, जहाँ नमाज़ हुई वहां पर मोदी का एक होर्डिंग भी लगा था, होर्डिंग पर मोदी के दुबारा प्रधानमंत्री बनने पर बधाई की बात लिखी थी

पर मुस्लिम भावना न आहात हो जाये इसी कारण सेकुलरिज्म की बात करने वाले नरेंद्र मोदी के होर्डिंग को बुर्खा पहना दिया गया अर्थात ढक दिया गया, देखिये इस खबर को जागरण ने भी छापा है

मोदी के होर्डिंग को कपडे से ढका गया, वरना अंदेशा ये था की मोदी की फोटो से नमाज़ पढ़ रहे नमाजियों की भावना आहात हो जाती, और फिर क्या होता इसपर आप अधिक समझदार है, नाराज नमाजियों ने दिल्ली में ही कल कई बसें तोड़ी है

भले ही मोदी ने सबका साथ सबका विकास में सबका विश्वास का नारा भी जोड़ दिया है, पर सच ये है की उनकी ही तस्वीर को ढकना पड़ा, क्यूंकि उनकी तस्वीर से मुस्लिम समुदाय के लोगो की भावना आहात होने का खतरा जो था