मथुरा के पंकज यादव ने बताया, मुस्लिम भीड़ ने चिल्लाते हुए कहा – ‘तुम काफिर’ और फिर मार डाला

कितनी आसानी से और कितनी ख़ामोशी से इस घटना को रफादफा कर दिया गया न, मीडिया ने इस खबर को कितनी आसानी से दबा दिया, और देश बुल गया जो मथुरा में 18 मई को हुआ था

कहने को मथुरा हिन्दुओ की एक धर्मनगरी है, यादव जाति के लोगो की तो काफी राजनितिक ठेकेदारी भी उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी द्वारा होती है, पर सब कितने खामोश है न

18 मई को मथुरा में एक लस्सी की दुकान पर पंकज यादव और उनके भाई भरत यादव पर मुस्लिम भीड़ ने हमला किया था, इस हमले में दोनों भाइयों को खूब मारा गया था, इस हमले में भरत यादव की मौत हो गयी थी

मथुरा में भरत यादव और पंकज यादव लस्सी की दूकान चलाते थे, 18 मई को कुछ मुस्लिम दुकान पर आये और 15 गिलास लस्सी पी, फिर भरत यादव ने लस्सी के पैसे मांगे तो मुस्लिम लोगो ने और मुस्लिम भीड़ बुलाई और भरत यादव और पंकज यादव को लिंच कर दिया

भरत यादव को मार डाला गया, पर पंकज की जान बच गयी

मामले को मीडिया ने पूरी तरह दबा दिया, और समाजवादी पार्टी जो यादवों की ठेकेदार है वो तो ऐसे चुप है जैसे अबतक उसे पता ही नहीं की एक यादव व्यक्ति को मार डाला गया है वो भी मथुरा में, जो श्रीकृष्ण की जन्म भूमि है

मीडिया ने इस मामले को दबा दिया, अब इस मामले में एक बड़ा खुलासा हो रहा है, स्वाति गोएल शर्मा नाम की पत्रकार पीड़ित परिवार से मिलने गयी थी, और पंकज यादव जो जीवित बच गए उन्होंने बताया की मुस्लिम भीड़ ने आकर दोनों भाइयों को मारने से पहले ‘तुम काफिर’ कहा था, और उसके बाद काफ़िर कहकर यादव भाइयों को लिंच कर दिया था

इस घटना से साफ़ होता है की ये सिर्फ एक लस्सी के पैसे मांगने वाले विवाद से हो गयी हत्या का मामला नहीं है, ये पूरी तरह से मजहबी मामला है, जहाँ मजहब के आधार पर क़त्ल किया गया, रमजान में काफिर की हिम्मत कैसे हुई पैसा मांगने की, इस आधार पर यादव भाइयों को लिंच किया गया था, और इसपर सब मौन है, टोटल साइलेंस है !