पीलीभीत में मुसलमानों ने मंदिर का लाउड स्पीकर तोडा, पुजारी को पीटा, ईद पर नहीं बज सकता भजन

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में अब मुस्लिम आबादी 40% को पार करने को है, और यहाँ पर भी नया कैराना बन रहा है, जिस इलाके में 99% हिन्दू आबादी हो वहां तो मस्जिद में लाउड स्पीकर पर 5 बार अज़ान हो सकती है

पर पीलीभीत के एक इलाके में मुस्लिम समाज को मंदिर के लाउड स्पीकर से आपत्ति हो गयी, मंदिर में घुसकर पुजारी को पीटा गया, लाउड स्पीकर तोड़ दिया गया और मंदिर के अन्दर जो देवी देवताओं की मूर्तियाँ थी उनको भी उठाकर फेंक दिया गया

मीडिया के पास इस घटना की रिपोर्टिंग के लिए समय नहीं है, ये घटना पीलीभीत के रोहान्या गाँव में घटित हुई है, इस गाँव में मुस्लिमो की आबादी अब 50% से ज्यादा है

गाँव में एक हिन्दू मंदिर है जहाँ पर लाउड स्पीकर से सुबह और शाम को भजन होती थी, ये मंदिर गाँव के बाहरी इलाके में है, जहाँ पर लोग पूजा के लिए आते थे, 4 जून को ईद से एक दिन पहले इस मंदिर में कुछ स्थानीय मुस्लिम आये

मुस्लिमो ने पुजारी को कहा की – कल ईद है लाउड स्पीकर बंद रहना चाहिए, क्यूंकि मुसलमानों का त्यौहार है और नमाज़ करनी है, मुसलमानों की मांग पर पुजारी ने कहा की – मंदिर गाँव से बाहर है, और नमाज़ तो गाँव के अन्दर होनी है

इतना सुनते ही मुस्लिम भड़क गए की हमारी बात को इंकार कैसे किया, फिर पुजारी से गाली गलोज करने लगे और फिर पुजारी को बुरी तरह पीटा, मुस्लिमो ने फिर मंदिर के लाउड स्पीकर को तोड़ दिया, मंदिर पर हमला कर दिया गया

सिर्फ इतना ही नहीं, मंदिर के अन्दर देवी देवताओं की मूर्तियों को भी उखाड़ दिया गया और मंदिर से बाहर फेंक दिया गया, उसके बाद संख्या बल पर पुरे गाँव में आतंक और दहशत को कायम कर दिया गया, मामला पुलिस के पास पहुँच गया है पर केस दर्ज होने के अलावा कोई खास कार्यवाही नहीं हुई है

पीलीभीत पुलिस ने जानकारी दी है की इस मामले में केस दर्ज किया गया है, पर अबतक किसी की गिरफ़्तारी की कोई खबर नहीं है, हां मीडिया ने इस घटना को ऐसे दबा दिया है जैसे ये घटना हुई ही न हो, हिन्दू समाज गाँव में अब अल्पसंख्यक है और सहम कर रहने को मजबूर है