अब चाइनीज कंपनी ओप्पो की जगह टीम इंडिया की जर्सी पर दिखेगा स्वदेशी ब्रांड!

टीम इंडिया ( Team India) आज दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ धर्मशाला में खेलने के लिए उतरेगी, तो जर्सी में ओप्पो ( oppo) की जगह दूसरे कोई और नया नाम होगा। चीनी कंपनी ओप्पो को टीम इंडिया की जर्सी से छुट्टी दे दी गई है। स्वदेशी कंपनी का नाम मेन्स ब्लू की जर्सी में देखा जाएगा। प्रायोजक द्वारा ओप्पो टाइटल्स को भारतीय कंपनी बैजू (BYJU’S) को बेच दिया गया है। नई जर्सी का उद्घाटन टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली, सह-कप्तान रोहित शर्मा और कोच रॉबी शास्त्री ने धर्मशाला में किया।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी- 20 मैच में, भारतीय टीम नए प्रायोजक बैजू की जर्सी पहेन के मैदान में उतारेगी। मैच से पहले प्रैक्टिस मैं टीम इंडिया को नए प्रायोजक के नाम की जर्सी पढ़ते हुए देखा गया था। शनिवार को टीम के कप्तान विराट कोहली की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजू की प्रायोजित जर्सी पहेन हुए देखा गेया था। आपको बता दें, ओप्पो ने टीम भारत के लिए एक प्रायोजक के रूप में पांच साल के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। लेकिन उन्होंने बीच में छोड़ने का फैसला किया। और उन्होंने अपनी संपत्ति बैजू को बेच दी।

2017 साल को, ओप्पो टीम भारत की जर्सी में टाइटल प्रायोजक के अधिकार 1 करोड़ रुपये में खरीदे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओप्पो के लिए यह सौदा बहुत महंगा हो गया। और यही वजह है कि वे अपनी संपत्ति बैजू को बेच देते हैं। ओप्पो के जाने के बाद भी बीसीसीआई (BCCI) को नुकसान नहीं होगा। बोर्ड उतने ही पैसे कमाएगा जितना चीनी कंपनी ओप्पो चुकाती थी। और यह सौदा 31 मार्च, 2022 तक चलेगा।

ओप्पो ने द्विपक्षीय सीरीज में हर मैच के लिए बीसीसीआई को 4.6 करोड़ का भुगतान किया। ICC और एशिया कप खेलों के दौरान, कंपनी ने BCCI को प्रति मैच 1.92 करोड़ का भुगतान किया। इस बार पैसे का भुगतान भारतीय कंपनियों द्वारा किया जाएगा। बैजू कोचिंग के बिना ऑनलाइन पढ़ाने और ट्यूशन करने के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। पिछले कुछ वर्षों में, कंपनी ने नाम और पैसा दोनों कमाया है। खबरों के मुताबिक, ऑनलाइन कोचिंग के जरिये बैजू हर साल 260 करोड़ कमाता है।