सामने आ गया सच – अपने ही साथी से पीठ पर बनवा लिया था ॐ, ताकि खेल सके विक्टिम कार्ड

पिछले दिनों गुरुग्राम के एक मुस्लिम शख्स ने आरोप लगाया की उसकी टोपी को उछाल दिया गया, उस से जबरन जय श्री राम कहने के लिए कहा गया और मारपीट की गयी, बाद में सच सामने आया की मुस्लिम शख्स झूठ बोल रहा था

फिर मामला सामने आया तेलंगाना के करीमनगर से, जहाँ मुस्लिम शख्स ने जबरन जय श्री राम न कहने पर मारपीट का आरोप लगाया, बाद में ये मामला भी झूठा साबित हुआ

और अब एक और मामले का सच सामने आ गया है – आपको याद होगा कुछ दिन पहले दिल्ली की करकरडूमा कोर्ट में एक कैदी मोहम्मद नबीर ने आरोप लगाया था की तिहाड़ जेल में पुलिस अफसर ने उसकी पीठ पर जबरन ॐ गोद दिया और साथ ही उस से 2 दिनों तक नवरात्री का जबरन व्रत भी करवाया

इस खबर को मीडिया ने भी आग की तरह फैलाया और ओवैसी जैसे लोगो ने भी हिन्दुओ के खिलाफ जमकर जहर उगला, देखिये किस प्रकार ओवैसी ने ये मामला उठाया था

इस कैदी ने कोर्ट में ये आरोप लगाया था की मुस्लिम होने के कारण इसे तिहाड़ में यातना दी गयी, कोर्ट ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया था और एक जांच टीम बनाई थी

जांच टीम ने अब कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, इस कैदी ने आरोप लगाया था की 12 अप्रैल को इसकी पीठ पर पुलिस अधिकारी के कक्ष में ॐ गोदा गया था, जांच टीम ने उस दिन की सारी CCTV फुटेज निकलवाई, ये कैदी पुलिस अधिकारी के कक्ष में जरुर गया था पर 2 मिनट बाद ही आराम से बाहर भी आ गया था

इसके बाद अन्य CCTV फुटेज में उसी दिन ये बैडमिंटन खेलता हुआ, हँसता हुआ भी दिखाई दिया, फिर पूछताछ में इसने स्वीकार कर लिया की इसके अपने ही एक साथी कैदी से पीठ पर ॐ का चिन्ह बनवा लिया था

मकसद था पुलिस टीम पर दबाव डालना, मुस्लिम होने के कारण अत्याचार हो रहा है ये मुद्दा उठाकर विक्टिम कार्ड खेलना और पुलिस टीम पर दबाव डालकर अपने कार्यों को करवाना, और इसी मकसद से मोहम्मद नबीर ने अपने साथी से पीठ पर ॐ बनवा लिया, कोर्ट पहुंचा तो वहां विक्टिम कार्ड खेलते हुए आरोपों की झड़ी लगा दी