गुजरात – राजपूत व्यक्ति ने दलित दुल्हे को दी अपनी घोड़ी, कहा – हिन्दू हैं हम सब, कोई भेदभाव नहीं

भारत की अधिकतर मीडिया का मुख्य काम देश में उन्माद फैलाना ही है, अक्सर आपने खबरें देखी और सुनी होगी की दलित दुल्हे को घोड़ी नहीं चढ़ने दिया गया

या घोड़ी चढ़ने पर हमला कर दिया गया, मीडिया जमकर इस तरह की खबरें फैलाती है, ताकि हिन्दू समाज में जातिवाद का जहर और भीतर तक घुलता रहे

पर सकारात्मक ख़बरों को मीडिया कभी नहीं दिखाती, और तो और ऐसी सकारात्मक ख़बरों को दबाने का भी प्रयास किया जाता है

गुजरात के भावनगर में एक राजपूत हिन्दू व्यक्ति ने एक दलित हिन्दू व्यक्ति को अपनी घोड़ी दी, दलित व्यक्ति की शादी थी तो राजपूत व्यक्ति ने उसे अपनी घोड़ी दी और कहा की – हम सब हिन्दू है और हम में कोई भेदभाव नहीं

भावनगर. जिले की गारियाधार तहसील के वेलावदर गांव में गारियाधार के दलित युवक की बारात निकालने के लिए चिन्तित दूल्हे के पिता को गांव के काठी क्षत्रिय राजपूत समाज के व्यक्ति ने मदद करते हुए अपनी घोड़ी उपलब्ध करवाई

जिस गाँव की ये घटना है वहां पर राजपूतों के 150 घर है, जबकि दलितों के सिर्फ 10, पर यहाँ राजपूत व्यक्ति ने अपनी घोड़ी दलित दुल्हे के लिए दे दी, दिगराजसिंह गोहिल नाम के राजपूत हिन्दू व्यक्ति ने जिग्नेश डी. वणजारा नाम के दलित हिन्दू व्यक्ति को अपनी घोड़ी दी

हिन्दू एकता की मिसाल को पेश किया गया, कहीं कहीं 1-2 नकारात्मक घटनाएं हो जाती है तो उसे आग की तरह फैलाकर जमकर उन्माद मचाया जाता है, पर सकारात्मक ख़बरों को कहीं जगह नहीं दी जाती