आज 10 जून के दिन ही सम्राट सुहेलदेव ने चीर दी थी गाजी सलार की छाती, जो हिन्दू विहीन करने आया था भारत

हिन्दू एक ऐसा सेक्युलर समाज है जो आतंकवादियों की माजर पर भी जाता है, ऐसी ही एक मजार बहराइच में है जहाँ पर सेक्युलर हिन्दू रोजाना एक खूंखार इस्लामिक आतंकवादी सलार मसूद की मजार पर मत्था फोड़ने जाते है

आज 10 जून का दिन है, और आज एक ऐतहासिक घटना हुई थी, आज ही के दिन सम्राट सुहेल देव ने भारत में आक्रमण करने आये गाजी सलार मसूद की छाती को चीर दिया था

गाजी सलार मसूद एक और कुख्यात आक्रान्ता गजनी का रिश्तेदार था, पहले गजनी ने भारत को लुटा और लूटकर अपने इलाके में माल ले गया, गजनी तो भारत को लुट कर वापस चला जाता था

पर गाजी सलार मसूद का प्लान सिर्फ लूटपाट नहीं बल्कि हिन्दुओ का समूल नाश था, और इसी मकसद से वो अयोध्या पहुंचना चाहता था, पर उसे बहराइच में ही 10 जून को सम्राट सुहेलदेव ने कुछ अन्य हिन्दू राजाओं के साथ मिलकर रोक लिया

सम्राट सुहेलदेव ने गाजी सलार मसूद को पूरी सेना को गाज़र मुली की तरह काटा था, सलार मसूद के 1 भी सिपाही को सुहेलदेव की सेना ने नहीं छोड़ा था

आज उसी सलार मसूद की बहराइच में माजर है जिसने सैंकड़ो मंदिर तोड़े और कई लाख हिन्दुओ का कत्लेआम किया था, बहराइच में इस मजार को गाजी बाबा की माजर कहकर सेक्युलर हिन्दू वहां मत्था फोड़ने जाते है, ऐसे आतंकवादी के सामने मत्था फोड़ते है जो बलात्कारी था, आक्रान्ता था, लुटेरा था

वहीँ सुहेलदेव को आज कुछ ही लोग याद करते है, भारत की दुर्दशा के लिए भारतीयों का सेकुलरिस्म ही जिम्मेदार है जो सुहेलदेव जैसे महानायक को तो भुला देता है पर आतंकियों की माजर पर मत्था फोड़ता है

आज इतिहास का एक अमर दिवस है, आज ही के दिन 10 जून 1034 इसवी में रविवार के दिन गाजी सलार मसूद की छाती को चीरकर उसके सर को सुहेलदेव ने धड से अलग कर भारतीयों को आतंक से बचाया था, पर ये देश की अजीब स्तिथि ही है की आतंकी गाजी सलार मसूद गाजी बाबा बन गया और सुहेलदेव ही गुमनाम हो गए