बीजेपी ने टिकेट नहीं दिया तो 10 घंटो में कांग्रेस में शामिल हो गए उदित राज

23 अप्रैल तक उदित राज बीजेपी के नेता थे, पर 24 अप्रैल को ये कांग्रेस के नेता हो गए है, और कारण ये है की बीजेपी ने इनको टिकेट नहीं दिया

Udit Raj joins congress after BJP denies him ticket

बीजेपी ने दिल्ली में कई सांसदों का टिकेट काटा जिसमे महेश गिरी जैसे नेता भी शामिल है, महेश गिरी को टिकेट नहीं मिला फिर भी वो गौतम गंभीर के नामांकन में शामिल हुए और रोड शो किया

पर उदित राज ने पार्टी को छोड़ दिया और 10 घंटो में ही कांग्रेस में शामिल हो गए

उदित राज कल तक कह रहे थे की अगर बीजेपी ने मुझे टिकेट नहीं दिया तो मैं पार्टी को छोड़ दूंगा, साथ ही उदित राज ये भी कह रहे थे की मैं दलितों का नेता हु और मुझे बीजेपी टिकेट नहीं दे रही इस से पुरे देश में दलितों में रोष है

Udit Raj joins congress after BJP denies him ticket

बीजेपी ने टिकेट नहीं दिया तो 24 अप्रैल को आज उदित राज कांग्रेस के नेता हो गए

उदित राज ने साफ़ कर दिया की उनके लिए निजी स्वार्थ ही सबसे पहले है

बीजेपी खुद के बारे में कहती है की उसके लिए देश पहले है, पार्टी दुसरे नंबर पर है और व्यक्ति सबसे आखिर में है, यहाँ उदित राज के लिए व्यक्ति सबसे पहले, पार्टी उसके बाद और देश से लेना देना ही क्या !

अगर मुझे टिकेट नहीं दिया तो छोड़ दूंगा मैं बीजेपी : उदित राज

दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी ने मौजूदा सांसदों के टिकेट काटे है, उदाहरण के तौर पर पूर्वी दिल्ली से महेश गिरी का टिकेट काट दिया गया है

Udit Raj on Loksabha Ticket

महेश गिरी के स्थान पर पूर्वी दिल्ली से बीजेपी ने गौतम गंभीर को उम्मीदवार बनाया है, और इसका महेश गिरी ने स्वागत किया है

पर महेश गिरी के विपरीत मौजूदा सांसद उदित राज ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है

उदित राज को बीजेपी ने अबतक टिकेट नहीं दिया है, और इस बात से वो इतने आक्रोशित हो गए की वो दलित कार्ड भी खेलने लग गए और साथ ही पार्टी को धमकियों का खेल भी शुरू कर दिया

Udit Raj on Loksabha Ticket

उदित राज का कहना है की अगर बीजेपी ने मुझे टिकेट नहीं दिया तो मैं पार्टी को छोड़ दूंगा, साथ ही ये भी कहा की मुझे टिकेट न मिलने से पुरे देश के दलित चिंतित और दुखी है

उदित राज 2014 से पहले बीजेपी में नहीं थे, उस से पहले भी चुनाव लड़ते रहे थे पर कभी जीत नहीं सके थे, मोदी ने इन्हें मौका दिया तो ये पहली बार देश में सांसद बने

बीजेपी ने इनको सांसद बनाया, अब बीजेपी इनको टिकेट नहीं दे रही है तो ये अपनी ही पार्टी को धमकी दे रहे है, इस से ये स्पष्ट हो जाता है की ये जनता की सेवा के लिए नहीं बल्कि अपने निजी स्वार्थ और फायदे के लिए ही राजनीती में है, इनको टिकेट मिलेगा तो बीजेपी ठीक है, और टिकेट नहीं मिलेगा तो बीजेपी छोड़ देंगे