जो ये कह रहे है की राम बंगाली संस्कृति में नहीं है, वो बंगाली और हिन्दू विरोधी है, मुर्ख है : तथागत रॉय, गवर्नर मेघालय

अल्लाह हु अकबर, नमाज़, कमला और कुरान को एक मौलाना की तरह पढने वाली ममता बनर्जी ने पिछले दिनों भगवान् राम पर आपत्तिजनक बातें कही

जय श्री राम का विरोध करते हुए ममता बनर्जी ने तो हद ही कर दी और ये कह दिया की जय श्री राम बंगाली संस्कृति नहीं है बाहरी है

ममता बनर्जी ने ये भी कहा की जो जय श्री राम बोलते है वो बाहरी है और वो लोग बंगाल को बर्बाद कर रहे है, ममता ने कईयों को जय श्री राम बोलने पर गिरफ्तार भी करवाया और उनमे से सभी के सभी मूल बंगाली भाषी ही निकले

ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए कई और सेकुलरों ने भगवान् राम को बंगाली संस्कृति से बाहर बताया, ऐसे लोगो को मेघालय के राज्यपाल तथागत रॉय ने जवाब दिया

पहले बता दें की तथागत रॉय स्वयं एक बंगाली ही है

तथागत रॉय ने कहा की – हम बंगाली माँ दुर्गा की पूजा करते है, हमारा सबसे बड़ा त्यौहार अकाल बोंधन कहलाता है जो की माँ दुर्गा की पूजा का त्यौहार है

और इस त्यौहार की शुरुवात किसी और ने नहीं बल्कि भगवान् राम ने ही की थी, जब वो रावण से युद्ध को जा रहे थे तब उन्होंने माँ दुर्गा की पूजा की थी और आज उसी पूजा को बंगाली संस्कृति में सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है

तथागत रॉय ने कहा की जो लोग कह रहे है की राम बंगाली संस्कृति नहीं है वो लोग मुर्ख है, वो लोग एंटी बंगाली है, साथ ही एंटी हिन्दू भी है, भगवान् राम बंगाली संस्कृति का अभिन्न अंग है और अनगिनित बंगालियों के नाम में भगवान् राम का नाम भी होता है